सुगम्य भारत अभियान

Accessible India Campaign

सुगम्य भारत अभियान

सुगम्य भारत अभियान : विकलांग व्यक्तियों हेतु सुगम्य वातावरण का सृजन

सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय का दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग विकलांग व्‍यक्तियों, जिनकी जनसंख्‍या वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 2.68 करोड़ है और जो देश की कुल जनसंख्‍या के 2.21 प्रतिशत हैं, के सशक्‍तीकरण को सुगम करता है। विकलांग व्‍यक्तियों में, दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित, वाकबाधित, अस्थि विकलांग और मानसिक रूप से विकलांग व्‍यक्ति शामिल हैं।

विकलांग व्यक्तियों के लिए सार्वभौतिक सुगम्यता उन्हें समान अवसरों तक पहुंच बनाने हेतु सक्षम बनाने और आत्मनिर्भरता पूर्वक रहने और एक समावेशी समाज में जीवन के सभी पहलुओं में पूर्ण रुप से भाग हेतु अनिवार्य है। विकलांगजन (समान अवसर अधिकार संरक्षण और पूर्ण भागीदारी) अधिनियम, 1995 की धारा 44 और 45 के अंतर्गत, क्रमशः परिवहन और सड़क और निर्मित वातावरण में स्पष्ट तौर पर गैर-भेदभाव का प्रावधान है। विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों पर यू.एन.कन्वेंशन का अनुच्छेद 9, जिस पर भारत हस्ताक्षकर्ता देश है, सरकारों पर

  1. सूचना,
  2. परिवहन,
  3. भौतिक वातावरण,
  4. संचार टैकनोलजी और
  5. सेवाओं और आपातकालीन सेवाओं तक विकलांग व्यक्तियों की पहुंच सुनिश्चित करने का दायित्व सरकार पर डालती है।

सरकार का यह दायित्व है कि वह एक समावेशी समाज का सृजन करें, जिसमें एक उत्पादन, सुरक्षित और प्रतिष्ठित जीवन जीने हेतु विकलांग व्यक्तियों की प्रगति और विकास हेतु समान अवसर और पहुंच मुहैया कराई जा सके। इस दिशा में, विकलांग जन सशक्तिकरण विभाग, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने एक राष्ट्रव्यापी फ्लैगशिप अभियान के तौर पर सुगम्य भारत अभियान शुरु किया है। अनुमोदित योजना के महत्वपूर्ण बिन्दु निम्न प्रकार से हैं:

वर्ष 2015-16 कार्य योजना

संस्थागत समन्वय, प्रवर्तन तंत्र के समन्वय के साथ अभियान के समन्वय हेतु और सुगम्यता के संवर्धन हेतु, विकलांग व्यक्तियों के जागरूकता सृजन करने हेतु केन्द्रीय मंत्रालयों/विभागों, राज्य सरकारों, सुगम्यता पेशेवरों और विशेषज्ञों के प्रतिनिधियों को मिलाकर एक संचालन समिति और कार्यक्रम मानीटरिंग यूनिट की सहायता की गई है। पप) सार्वजनिक भवनों का पहंुचनीय आडिट कराने हेतु प्रतिष्ठित और अनुभवी गैर-सरकारी संगठनों से रुचि की अभिव्यक्ति आमंत्रित की गई है। पपप) ‘‘सुगम्य भारत अभियान’’ प्रारम्भ में पायलट आधार पर सात राज्यों में कार्यान्वित किया जायेगा, जिनमें-दिल्ली, तमिलनाडु, गुजरात, असम, राजस्थान, महाराष्ट्र और हरियाणा शामिल हैं।

सभी मुख्य स्टेकहोल्डरों के सुग्राहीकरण हेतु सारे देश में जोनल जागरूकता कार्यशालाओं का आयोजन करना पप) सुगम्यता के मुद्दे पर ब्रोशर/शैक्षिक पुस्तिकायें और विडियों सृजित करना और प्रसार करना पपप) गैर सुगम्य संस्थानों के संबंध में व्यापक सूचना प्राप्त करने हेतु एक सार्वजनिक मंच सृजित करने हेतु मोबाइल के साथ पोर्टल का सृजन करना। रैंपों, पहुंचनीय शौचालयों और सुगम्य रैपों आदि के सृजन हेतु प्रस्ताव अनुमोदित करने हेतु सूचना प्रदान करना और सुगम्य भवन और परिवहन के सृजन हेतु सीएसआर संसाधनों की चेनेलाइजिंग करना।

सुगम्य भारत अभियानः विकलांग व्यक्तियों हेतु सुगम्य वातावरण का सृजन

लक्ष्य और विचारः-

एक समावेशी समाज में विकलांग व्यक्तियों की समान अवसरों तक पहुंच सुनिश्चित करने और आत्मनिर्भरपूर्वक रहने और जीवन के सभी क्षेत्रों में पूर्ण रुप से भाग लेने में उन्हें सक्षम बनाने हेतु, उनकी सार्वभौमिक (यूनिवर्सल) पहुंच सुनिश्चित करना आवश्यक है। विकलांगजन सशक्तिकरण विभाग, ने विकलांग व्यक्तियों हेतु सार्वभौमिक सुगम्यता प्राप्त करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी फ्लैगशिप अभियान सुगम्य भारत अभियान की शुरूआत की है, जो समावेषी समाज में, विकलांग व्यक्तियों को समान अवसर तथा स्वतंत्र जीवन यापन और जीवन के सभी क्षेत्रों में भागीदारी करने के लिए सक्षम बनाने में मदद करेगा।

विजनः-

उठाये गये महत्वपूर्ण कदमः

  1. अभियान का विजन एक समावेषी समाज की परिकल्पना है जिसमें विकलांग व्यक्तियों की उन्नति तथा विकास के लिए उत्पादक, सुरक्षित तथा गरिमामय जीवन के लिए समान अवसर तथा सुगम्यता प्रदान की जाती है।
  2. सुगमता के संवर्धन के लिए संस्थागत समन्वय, प्रवर्तन तंत्र तथा विकलांग व्यक्ति अधिनियम की जागरूकता के सम्मिश्रण द्वारा अभियान के कार्यान्वयन हेतु केन्द्रीय मंत्रालय/विभागों, राज्य सरकारों सुगम्यता पेशेवरों तथा विशेषज्ञों के प्रतिनिधियों के साथ, एक संचालन समिति और एक कार्यक्रम निगरानी यूनिट का गठन किया गया है।
  3. सार्वजनिक भवनों का सुगम्यता परीक्षण करने के लिए प्रतिष्ठित तथा अनुभवी एनजीओ से रुचि की अभिव्यक्ति हेतु प्रस्ताव आमंत्रित किये गये।
  4. पहले चरण में 48 शहरों को चुना गया है जिनमें सरकारी भवन तथा सार्वजनिक सुविधाओं को जुलाई, 2016 तक पूर्णतः सुगम्यता में बदला जाना है।
  5. अभियान के लिए लोगों/टैगलाइन को अंतिम रुप दिया गया है।
  6. सुगम्यता के बारे में जागरूकता फैलाने तथा सुगम्य भवनों, सुगम्य परिवहन तथा सुगम्य वेबसाइट आदि के सृजन में मदद हेतु राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने हेतु पत्र भेजे गये हैं।

भविष्य हेतु कार्य योजना

  • सभी प्रमुख स्टेकहोल्डर्स जैसे स्थानीय जन प्रतिनिधि, राज्यों के सरकारी अधिकारी, शहरी विकास विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, पीडब्ल्युडी, पुलिस, सड़क, रेलवे, एयरपोर्ट के प्रतिनिधि, पेशेवर लोग जैसे – इंजीनियर, वास्तुविद, रियल स्टेट डेवलेपर्स, न्यायाधीश, छात्र, एनजीओ, सार्वजनिक क्षेत्र तथा अन्यों के प्रतिनिधि आदि को संवेदी बनाने के लिए क्षेत्रीय जागरूकता कार्यशालाओं का आयोजन किए जाने की योजना है। अभियान के उददेश्यों तथा लक्ष्यों के बारे में स्टेकहॉल्डर्स को संवेदनशील तथा शिक्षित करने के लिए क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्तियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
  • सार्वजनिक प्रचार सामग्री जैसे-ब्रॉशर, शैक्षिक बुकलेट, पोस्टर आदि तथा सुगम्यता के मुद्दे पर वीडियो का सृजन तथा प्रसार।
  • सुगम्यता स्थानों के बारे में व्यापक जानकारी प्राप्त करने के लिए जनसमूह एकत्र करने के मंच के सृजन हेतु, ‘मोबाइल एप’ सहित पोर्टल का सृजन, रैम्पस, सुगम्य टॉयलेट तथा सुगम्य रैम्पस आदि सृजन हेतु प्रस्तावों की मंजूरी के लिए जानकारी प्रदान करना तथा सुगम्य भवनों तथा परिवहन के सृजन हेतु सीएसआर संसाधनों को चैनेलाइज्ड करना।
  • देशभर में निकटवर्ती सुगम्य स्थानों का पता करने के लिए, अंग्रेजी हिंदी तथा अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में एक मोबाइल एप्लिकेशन विकसित करना।

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